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Rahul Kumar

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Rape Case:An Occupation Of Trapist

Posted On: 3 Sep, 2014 में

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बलात्कार के आरोप में फंसाना एक धंधा हो गया है।लोग प्रकृति,धर्म,विज्ञान,सामाजिक संरचना,सरकारी पद आदि का दुरुपयोग कर सकते हैं,तो फिर कानून का भी दुरुपयोग कर झूठे फंसा सकते हैं।लेकिन ज्यादातर बुध्दिहीन और महाभ्रष्ट पुलिस अधिकारी और जज को कुछ सूझती ही नहीं।कभी भी तथ्यों और परिस्थितियों का तार्किक परीक्षण नहीं किया जाता और झूठे फंसाने वाले को कानूनी गुंडागर्दी करने का पर्याप्त छूट दिया जाता है।M.Sc के एक छात्र को बलात्कार,अपहरण और लड़की बेचने के फर्जी आरोप में फंसाए जाने का मैंने तार्किक परीक्षण करके एक Draft तैयार किया है,जिसे आवेदन के रुप में छात्र के पिता द्वारा बिहार मानवाधिकार आयोग और पुलिस उपमहानिरीक्षक को समर्पित किया गया है और पुलिस महानिरीक्षक को भी समर्पित की जाएगी।लेकिन कोई भी पुलिस अधिकारी अति संवेदनशील कांड के आवेदन को भी पूरा पढ़ते भी नहीं,फिर ये तार्किक परीक्षण खाक करेंगे।छात्र का वकील दरभंगा जिला का सबसे बड़े वकील में से एक हैं जिनके आवास पर प्रतिदिन 50 से भी ज्यादा लोग मिलने जाते हैं लेकिन वो भी तार्किक परीक्षण करने में अक्षम रहें हैं।

Draft नीचे प्रस्तुत है-

1.लड़की ने CJM,बेगूसराय के समक्ष दिए बयान में कहा है कि वह समस्तीपुर से
ट्रेन से तेज नारायणपुर(जो कटिहार जिला में है) जा रही थी और बखरी थाना
में दर्ज प्राथमिकी में दर्ज बयान में भी
स्वीकार किया है कि वह समस्तीपुर से ट्रेन से कटिहार जा रही थी और साथ
में SDJM,दरभंगा के समक्ष दर्ज बयान में भी कहा है कि वह समस्तीपुर से
अकेली जा रही थी और उसे किसी ने बेगूसराय स्टेशन
पर किसी प्रलोभन देकर उतरने नहीं कहा और ना ही किसी ने लड़की को जबरदस्ती
बेगुसराय ले गया।तीनों बयान में उसने स्वीकारा है कि वह प्यास लगने के
कारण बेगूसराय स्टेशन पर उतरी थी।इसलिए ये प्रमाणित है कि लड़की को
बेगूसराय स्टेशन पर वैश्यावृति कराने वाले के द्वारा पकड़
लिया जाना अचानक घटित घटना थी।पूर्व से उसे बेचने का कोई इरादा नहीं
थी।इसलिए बेचने के नियत से अपहरण करने का सबुत नहीं हैI

2.लड़की द्वारा बखरी थाना में दिए गए फर्दब्यान के अनुसार वह अपने प्रेमी
संतोष महतो से मिलकर दिनांक 14/6/2013 को समस्तीपुर आई और ट्रेन से
अकेली कटिहार जा रही थी। CJM,Begusarai के समक्ष दिए बयान के अनुसार उसे
उसका प्रेमी संतोष महतो बुलाकर समस्तीपुर ले गया और ट्रेन में चढ़ा कर
उतर गया और आगे बयान दी है कि वह अपने नानी के पास तेजनारायण पुर जा रही
थी। इन दो बयानों से प्रमाणित होता है की वो अपने मन से जा रही थी और
उसका अपहरण नहीं हुआ है और SDJM,Darbhanga के सामने दवाब में लड़की बोल
रही है। CJM,Begusarai और बखरी थाना में दिए बयान में ये भी बताया गया है
वो कैसे बखरी पहुंची जिसमे उसने बताया है कि अपने प्रेमी के साथ
समस्तीपुर आई और फिर ट्रेन से कटिहार जा रही थी तो बेगुसराय में पानी
पीने के लिए उतरी तो ये सब घटना हुआ। यदि लड़की को पिछले एक महीने से
अपहरण करके रखा गया था और उसके साथ बलात्कार किया जा रहा था तो वो
प्रेमी के साथ समस्तीपुर पहुंचकर कटिहार जाने वाली बात बोलने के बजाय
अपहरण और बलात्कार करके समस्तीपुर स्टेशन पर छोड़ देने वाला बयान देती।
भले ही बखरी और मोरो थाना वाला केस अलग अलग हो लेकिन लड़की बखरी कैसे
पहुंची ,इसको लेकर अपहरण और बलात्कार करके समस्तीपुर स्टेशन पर छोड़ देने
वाला बयान ही दिया जाता। इससे प्रमाणित होता है की लड़की का अपहरण और
बलात्कार नहीं हुआ है और बाद में SDJM,Darbhnaga के सामने दवाब में अपहरण
और बलात्कार के बारे में बोलीI

3.CJM,बेगूसराय के समक्ष दिए बयान के अनुसार दिनांक 14/6/13 को संतोष
महतो समस्तीपुर ले जाकर ट्रेन में बैठा दिया और फिर दिनांक 15/6/13 को
बखरी पुलिस ने उसे बरामद
किया।SDJM,Darbhanga के समक्ष जो बयान दिया,उसके अनुसार 12 मई के चार
दिन बाद तक,फिर 8-9 दिन बाद तक और फिर 6 दिन बाद तक लड़की को रखा गया और
फिर समस्तीपुर में ट्रेन पर चढ़ाया गया।मतलब समस्तीपुर में 1-2 जून के
आसपास ट्रेन पर चढ़ाया जाना चाहिए लेकिन लड़की के द्वारा CJM,बेगूसराय के
समक्ष दिए गए बयान के अनुसार 14 जून को ट्रेन पर चढ़ाया गया।SDJM ,दरभंगा
के समक्ष दिए गए बयान के अनुसार उसे 1-2 जून के आसपास ट्रेन पर चढ़ाया
जाना चाहिए।तथ्य और तिथि में इतना फर्क होने का कारण यही है कि चार
दिन,फिर 8-9 दिन संतोष यादव द्वारा
इधर-उधर रखने वाली घटना हुई ही नहीं है इसलिए लड़की ने अपने मन से कुछ भी
बोल दिया।ये कहना की लड़की के साथ बलात्कार हुआ था ,इसलिए वो सटीक जानकारी
नहीं दे सकती,ये एक हद तक सही है लेकिन लगभग 12-13 दिन का अंतर दिख रहा
है.बलात्कार की स्थिति में भी इतना दिन का अंतर नहीं आ सकता और साथ ही
लड़की ने लगभग 4 दिन,6 दिन बोलने के बजाय सीधे 4 दिन,6 दिन बोला है,इसलिए
इससे जाहिर होता है की लड़की सटीक जानकारी देने में सक्षम है I

4.लड़की को बेचने का Motive प्रमाणित नहीं होता है :- संतोष यादव M.Sc का
विद्यार्थी है और इनपर लड़की को बेचने का आरोप लगाया गया है. बेचने का
काम किसी दलाल ,रैकेट और तस्कर द्वारा किया जाता है। संतोष यादव के
खिलाफ पूर्व का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और ना ही इसका प्रमाण है की
वो किसी तरह का दलाली या तस्करी करते हैं.एक विद्यार्थी पर तस्करी का
आरोप लगाना अपने आप गलत है.
5.झूठा फंसाने का कारण -संतोष कुमार यादव को मेरा मनरेगा के ठेकेदार और
वार्ड सदस्य के पति राज कुमार यादव के साथ जमीनी विवाद के कारण फंसाया
गया I मनरेगा के तहत राजकुमार यादव द्वारा उत्तर से दक्षिण उसके घर से
कोलहंटा सीमा तक सड़क बनवाया गया लेकिन बीच में मेरा जमीन पड़ता है
जिसमें मेरे जमीन देकर भी लगभग 5 फ़ीट चौड़ा और 29 फ़ीट लम्बा सड़क बनाना
चाहता था लेकिन मैंने सड़क बनाने नहीं दिया I लड़की का पिता राजकुमार यादव
के यहाँ काम करने जाता था और अपना ज्यादातर समय उसके घर पर बिताता थाI
लड़की का पिता अनपढ़ हैंIडीलर नथुनी प्रसाद यादव को राजकुमार यादव वार्ड
सदस्य का पति और मुखिया का नजदीकी होने के कारण कूपन का अवैध धांधली
करने में मदद करता थाIडीलर एक दबंग किस्म का व्यक्ति हैI संतोष महतो और
लड़की दोनों राजकुमार यादव के घर पर जाया करती थी और इसी दौरान लड़की का
संतोष महतो से दोस्ती हुआI जब लड़की संतोष महतो के साथ गायब हो गयी तो
राजकुमार यादव और नथुनी प्रसाद यादव,और उनके पक्ष के लोगो ने लड़की के
पिता को संतोष यादव को आरोपी बनाने के लिए गुमराह कियाI जब लड़की बेगुसराय
के कोर्ट में संतोष महतो के साथ बाहर निकलने का बयान देकर घर लौटी तो फिर
इन लोगो के द्वारा ही अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके मेरे बेटा के विरुद्ध
बोलने के लिए लड़की पर दवाब बनाया गयाI
चूँकि संतोष महतो लड़की को अपने किसी रिश्तेदार के पास रखकर घर चला आया
और घर से आते जाते रहता था ,इसलिए लड़की के पिता ने संतोष महतो पर शक
नहीं किया और उस दौरान मेरा बेटा M.Sc First Year का परीक्षा देने के
लिए लगातार दरभंगा में उपस्थित था और घर पर नहीं था,इसलिए लड़की के पिता
को गुमराह करके अपने यकीन में लाकर इन लोगो द्वारा मुकदमा करवाया गयाI

6.दिनांक 15/5/2013 को अपहरण का मुकदमा दायर कराया गया।दिनांक 14/5/2013
से दिनांक 17/6/13 तक मेरा पुत्र संतोष यादव का स्नातकोतर प्रथम वर्ष का
परीक्षा हो रहा था,जिसमें वह उपस्थित था,जिसकी पुष्टि केन्द्राधीक्षक CM
College,दरभंगा द्वारा की गई है।मेरे पुत्र के विरुध्द दिनांक 15/5/2013
को मुकदमा दर्ज किया गया और लड़की को दिनांक 15/6/2013 को बरामद किया
गया।इन अवधियों के दौरान मेरा पुत्र परीक्षा दे रहा था,इसलिए मेरा पुत्र
सबके सामने था।उसके बावजूद जब वह लड़की मेरे पुत्र के साथ थी तो पुलिस
द्वारा मेरा पुत्र को गिरफ्तार कर लड़की को बरामद क्यों नहीं किया
गया?इससे जाहिर होता है कि वह लड़की मेरे पुत्र के साथ नहीं थी।

7.अनीता कुमारी का मोबाइल नं 8292452377 और 73525673280 और संतोष महतो
के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकाला जाना चाहिए क्योकि यदि संतोष
यादव भी शामिल होते तो इन दोनों की संतोष यादव से भी बात हो रही
होती।लड़की के मेडिकल टेस्ट को सामान्य बताया गया है जिसमे कहा गया है कि
हाल फिलहाल यौन सम्बन्ध बनने का कोई सबुत नहीं है.

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