VISION FOR ALL

Rahul Kumar

272 Posts

32 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 8093 postid : 410

सेक्स-उन्मादी

Posted On: 10 May, 2013 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

सेक्स-उन्मादी,इस शब्द का प्रयोग मैँने ऐसे लोगोँ के लिए किया है जिसके लिए सेक्सी और बलात्कारी शब्द का प्रयोग नहीँ किया जा सकता।मसलन,आपको किसी से दोस्ती हो गई और किसी ने ये समझ लिया कि आपका उसके साथ लैँगिक सबंध है।ऐसा समझने वाला सेक्स-उन्मादी है।उसे सेक्स -पूवाग्रही भी कह सकते हैं।ऐसा व्यक्ति बगैर सबूत का इतना पूर्वाग्रह और उन्माद से ग्रसित होता है कि प्रताड़ित करने से लेकर फंसा तक सकता है।आजकल जबरन समलैँगिक तक करार दे दिया जाता है।लड़का-लड़की को गलत करार देना तो स्वाभाविक हो गया है।ऐसा सभी लोग सेक्स-उन्मादी और सेक्स-पूर्वाग्रही हो गया है।ऐसे सेक्स उन्मादी लोगोँ ने कभी मुझे सबूत रखने का मौका ही नहीँ दिया और कोई सबूत उसके पास न होने के बाद भी मेरे खिलाफ फैसला दिया।कहने के लिऐ तो मानवाधिकार आयोग है!

मुझे किसी पर यकीन ही नहीँ होता।मुझे CID का IG,जो इस राज्य का सबसे बड़ा पुलिस अधिकारी मेँ से एक हैँ,मिलने के लिए कहा लेकिन मैँ मिलने नहीँ गया।उच्च न्यायालय का एक वरिष्ठ वकील जो अब उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने जा रहे हैँ,उनसे उनका जूनियर सहयोग कराने के लिए तैयार हैँ लेकिन मैँ मिलने नहीँ जाता।कुछ लोग ऐसा भी हो सकते हैँ जो उदार हृदय का हो,जो वास्तव मेँ काम आ सके लेकिन मुझे यकीन नहीँ होता।क्योँकि बड़ा बड़ा अधिकारी और खुद मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष भी उस आदतन अपराधी को बचाने मेँ शामिल हैँ।घर वाले ने कभी सहयोग ही नहीँ किया,अन्य से क्या उम्मीद किया जा सकता है।

सिर्फ सरकारी कामगारोँ या सरकारी योजनाओँ या सरकारी अनुबंधो पर काम करने वाले कामगारोँ के लिए ही न्यूनतम मजदूरी दर क्योँ लागू है?निजी क्षेत्र मेँ क्योँ नहीँ?मांग के मुकाबले मजदूरोँ की संख्या ज्यादा हो तो मजदूरी दर कम जाती है और मांग के मुकाबले मजदूरोँ की संख्या कम हो तो मजदूरी दर बढ़ जाती है।ये तो सरासर मनमानी है।मांग व पूर्ति का नियम मनमानीपूर्ण है जो मनमानीपूर्ण बाजार को जन्म देती है।निजी स्कूल,अस्पताल सभी का यहीँ हाल है।ऐसे निजी संस्थानोँ के लिए एक निश्तित अवधि के लिए अधिकतम दर का निर्धारण होना चाहिए।क्या मजदूरोँ की संख्या ज्यादा हो जाने के कारण घटिया किस्म का उत्पादन होने लगता है?क्या आवश्यकता से ज्यादा मजदूरोँ को काम पर लगा दिया जाता है?नही ना।फिर मजदूरी दर कम क्योँ?क्या स्कूलोँ की संख्या कम होने से ये अच्छा सुविधा देने लगते हैँ?नहीँ ना।फिर स्कूल चार्ज ज्यादा क्यो?

मजदूर सबसे बड़ा इतिहासकार है।अबुल फजल,मेगास्थनीज,कालिदास वगैरह,ये क्या इतिहास लिखेँगे।ये तो ठहरे राजा का चाटुकार।मैँ मजदूर का किताब पढ़ता हूँ।राष्ट्रपति भवन के अन्दर की प्रकाश और कुछ बगीचेँ की हालत डा.कलाम से पहले जर्जर थी,वहाँ का सैकड़ोँ सुरक्षा गार्ड प्रति दिन बदल दिया जाता है,पाटिल अक्सर सोते रहती थी ।ये सब कोई इतिहासकार और मीडिया ने नहीँ,राष्ट्रपति भवन जाने वाला मजदूर ने मुझे बताया।

“वह इस स्थिति मेँ नहीँ होते,जिस स्थिति मैँ आज हैँ,यदि वह मेरे तरह विरोध करते।”ये कहना है IIT Passed out एक इंजीनियर का।मैँने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि ऐसा कुछ भी लोगोँ और जजोँ के संवेदनहीनता के कारण होता है क्योँकि ये सहयोग करे तो तुरंत न्याय मिल सकता।फिर परेशानी किस बात का रहेगा।वैसे भी इस विरोध से काफी अनुभव और ज्ञान मिलता है।जीवन प्राकृतिक रूप से सीखने और अनुभव करने की प्रक्रिया है न कि भौतिक रूप से उपलब्धि हासिल करने की।

लोग क्या चाहते हैं,समझ नहीँ आता।भले ही मेरा आलेख समझ मेँ न आए लेकिन ये बोल जरूर देते हैँ कि मैँ अभी छोटा हूँ। सबूत हो या न हो,निर्णय मेरे खिलाफ जरूर दे देते हैँ क्योँकि मुझे फंसाया गया।कितना भी परेशान क्योँ न किया गया हो,कैरियर बनाने की आड़ मेँ कुछ दिखता ही नहीँ।मानव-जाल और समाज-जाल से बचकर रहना ही ठीक है।सिर्फ नकारात्मक और निराशावादी सोच को लोग ढो रहा है।

काफी शुकून मिलता है जब कोई मदद करता है।मैँ काफी दबा हुआ महसूस करता हूँ।लेकिन कभी-कभी ऐसा पल भी होता है जब कुछ अच्छा लगता है जब कोई मदद करता है।उच्च न्यायालय के एक वकील को मेरा आलेख काफी अच्छा लगता है इसलिए वह मुझे मदद करना चाहते हैँ।ये चैरिटेबल संस्था भी चलाते हैँ।इनका सीनियर उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने वाले हैँ और ये उनसे मेरा याचिका का प्रारूप बनवाने के लिए तैयार थे।हलाँकि मैँ अपना केस एक अन्य वकील को दे चुका हूँ जो इनके तरह पहुँचवाला नहीँ है।



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran