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Rahul Kumar

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उसके कारण से सभी असुरक्षित है।

Posted On: 7 May, 2013 Others में

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उसके कारण से सभी असुरक्षित है और रहेगा।वह जाते वक्त दिखाने लगा ताकि लोग उसे अच्छा समझेँ और हमनेँ उसे अच्छा समझना शुरू कर दिया।लेकिन वह अभी भी किसी को भी जबरन फंसा सकता है,दमन कर सकता है और अब वह आगे जहाँ जाएगा,वहाँ करेगा ही।क्योँकि वह धन-बल के मदहोश मेँ चूर एक आदतन अपराधी है।हम गुमराह होने,चुप रहने और बचाने के सिवाय और जानते ही क्या हैँ?

हम बैल से सिर्फ यहीँ आशा करते हैँ कि वो ढोते रहे,जोतते रहे।बाजारवाद,वस्तुवाद और उपभोक्तावाद ने हमेँ दूसरे लोगोँ से भी यहीँ आशा करना सीखा दिया।अरे भाई,बैल को भी उतनी ही परेशानियाँ होती है।फिर मुझे क्योँ न हो,आपको क्योँ न हो?लेकिन जिस तरह बैल को कोई देखने वाला नहीँ हैँ,वैसे ही मानव को कोई देखने वाला नहीँ है।ऐसे लोगोँ को तत्काल आरक्षण मिलना चाहिए।जाति के नाम पर आरक्षण है,लेकिन दमन के लिए कोई जगह नहीँ है।मैँ तो दो साल बाद नेचर के बलबूते ठीक हो रहा हूँ।सामाजिक व विकासात्मक संरचना सिर्फ आडंबर,प्रपंच और भ्रम-जाल है।

Bina paisa ka bahut log bhukhe marte hain.yadi mere paas paisa rahta to main principal ko jail bhejwa chuka hota aur principal jaisa criminal paisa ka power dikhakar dusre ko pareshan karta hai .

मुझे यह जानकर काफी दुख हुआ कि कुछ छात्र विशेषकर जूनियर गुमराह हो चुके हैँ।उनके प्रिँसिपल ने दिखाने के लिए प्रशासन को थोड़ा ठीक क्या कर दिया,उसका गुणगान करने लगे।मैँ उसके खिलाफ सैकड़ोँ सबूत दे चुका हूँ कि कैसे वह एक महान और आदतन अपराधी है।लेकिन पता नहीँ लोग मूर्ख है या क्या है जो अपराधी को ही अच्छा समझते हैं।उसने सबसे ज्यादा सीनियर का जूनियर के प्रति दुर्व्यवहार पर ध्यान दिया है।कारण स्पष्ट है कि मुझे जूनियर के साथ यौण-शोषण मेँ फंसाया गया और वह कानून के नजर मेँ धूल झोंकना चाहता है कि सख्त प्रशासन होने के कारण मेरे खिलाफ मामला को सामने लाया जा सका।चाटुकार हाउस मास्टर बकायदा इनका मदद कर रहे हैँ।लेकिन वो खुद अंधा है।मेरा मामला जूनियर के साथ आपसी दोस्ती का था,न कि उसका दमन करने का।उस बच्चा ने तो मेरा पक्ष मेँ बोला था और कोई चश्मदीद गवाह भी नहीँ था।जिस तरह से मुस्लिम होने के कारण आतंकवादी मान लिया जाता है,वैसे ही मुझे सीनियर होने के कारण बलात्कारी मान लिया गया।मेरे पास इस बात का पर्याप्त सबूत है कि मैँ सीनियर द्वारा परेशान किए जाने वाले जूनियर का मदद करता था।उस बच्चा ने खुद कुछ ऐसे सीनियर के खिलाफ शिकायत किया था जो उसे परेशान करता था लेकिन प्रिँसिपल बहरा भी है।मैँ उसके भ्रष्ट कुकृत्योँ के खिलाफ बोलता था,इसलिए उसने मुझे फंसा दिया।जूनियर-सीनियर तो महज एक बहाना है।आज वह दिखाने लगा है।इसका तीन और कारण है।पहला,वह जाने वाला है,इसलिए दिखाकर जाना चाहता है।दूसरा,वह गलत करते-करते थोड़ा सही हो गया है।तीसरा,यदि उसके खिलाफ जाँच किया जाता है तो छात्र उसके पक्ष मेँ बोले।

बड़े कंपनियोँ के कार्यस्थल पर कई बार कामगारोँ की जोखिम भरा काम करने के दौरान मौत हो जाती है।लेकिन मीडिया मेँ खबर कभी नहीँ आती।गैर-पंजीकृत कामगारोँ को अधमरा अवस्था मेँ शव का ठिकाना लगा दिया जाता है ताकि मुआवजा देने से बच जाए।ऐसा मुझे रिलायंस मेँ काम करने वाले दो वरीय कामगर ने बताया।

नक्सली अब पेशेवर अपराधी और जातिवादी हो गया है।कुछ नकाबपोश नक्सलियोँ ने कल पैसा लेकर एक की हत्या कर दी है। विरोधी पक्ष को मरवाने के लिए समान जाति के नक्सलियोँ को बुलाया गया था।बीस दिन पहले मेरा घर पर हमला करने के लिए भी नक्सली मंगाने की बात हुई थी।नक्सली अपने सिद्धांत से हटकर धंधा करने लगा है।कार्ल मार्क्स का साम्यवादी सोच को उग्रवादी बना दिया गया है।

मुझे भाजपा का एक राज्यस्तरीय नेता ने कहा कि जदयू-भाजपा के बीच नरेन्द्र मोदी को लेकर चल रहा गतिरोध सिर्फ एक राजनीति है,ये सब चलते ही रहता है।नेताजी के बयान से जाहिर है कि भाजपा अपना समर्थन वापस लेने नहीँ जा रही।जब नेताजी खूद कह रहे हैँ कि राजनीति है फिर हम इस बात को लेकर विमर्श शुरू क्योँ कर देते है?जदयू नरेन्द्र मोदी के खिलाफ बोलकर राजनीति करती है और भाजपा जदयू के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताकर।वही जदयू आडवाणी का कभी विरोध नहीँ करती जो इस देश मेँ सांप्रदायिक राजनीति को जन्म दिया ।नरेन्द्र मोदी ने आडवाणी से हिन्दुत्व सीखा है।भाजपा नरेन्द्र मोदी को सरे आँख चढ़ा लिया है जो सिर्फ धार्मिक कट्टर ही नहीँ बल्कि तानाशाह भी है क्योँकि मोदी कानून मेँ संशोधन कर लोकायुक्त को सरकार का कठपुतली बना दिया है।मोदी गुजरात मेँ सिर्फ पूँजीवादी विकास किया है,आम लोगोँ वाली विकास नहीँ।शिक्षा का अधिकार कानून की धारा 12(ग) के तहत 25 फीसदी गरीब बच्चोँ का दाखिला निजी संस्थानोँ मेँ ऐसे संस्थानोँ को सरकारी मुआवजा देकर कराना है लेकिन गुजरात सरकार अभी तक कुछ नहीँ किया है।इससे साबित होता है कि मोदी का विकास अमीरोँ के हित मेँ किया गया विकास है।जिसे गरीब बच्चोँ के शिक्षा की चिँता नहीं,वह देश का खाक विकास करेगा।

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